परम पूज्य जैन संत कल्पज्ञ सागर जी का देवलोक गमन 5फरवरी को शीतल नाथ जैन मंदिर से प्रातः 10 बजे निकलेगी डोल यात्रा जैन समाज की प्रतिष्ठान बंद रहेगी - Jinshashansandesh
परम पूज्य कर्तारगच्छाचार्य श्रीजिन मनोज्ञसूरीश्वरजी मसा के शिष्य रत्न, दुर्ग संघ गौरव, तपस्वी रत्न, परम पूज्य कल्पज्ञ जी सागर मसा का आज 4 फरवरी को शाम 7.10 बजे दुर्ग छत्तीसगढ़ में देवलोक गमन हुआ।
पूज्य गुरुदेव की डोल यात्रा रविवार, 5 फरवरी को प्रातः 10.00 बजे पुराना शीतलनाथ मंदिर, 84 पद्मनाभपुर से हरनाबांध प्रस्थान। संघ के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूज्य मसा दुर्ग मूर्तिपूजक संघ के सदस्य सक्रिय वीर पुत्र सीए श्री मिनेश जी छाजेड़ के धार्मिक पिताश्री थे।
सकल श्री संघ ने 5 फरवरी को अपना व्यवसाय बंद रखना बंद कर दिया
प.पू. कर्तागच्छाचार्य श्री जिनमनोज्ञसूरीश्वरजी म.सा. के शिष्य रन्न, दुर्ग संघ गौरव, तपस्वी रन्न, परम स्वाध्यायी, वयोवृद्ध मुनिराज प.पू. श्री कल्पज्ञसागरजी म.सा. का आज माघ सुदी 07 मंगलवार, 4 फरवरी 2025 को सायं कल 07:10 बजे दुर्ग (छत्तीसगढ़) में देवलोक गमन होगा। अन्य महाप्रयाण डोल यात्रा माघ सुदी 08 – रविवार, 5 फरवरी 2025 प्रातः 10.00 बजे श्री शीतलनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर, पद्मनाभपुर, दुर्ग से हरनाबाधा मुक्तिधाम, दुर्ग प्रस्थान
आदर्श जीवन परिचय
जन्म नामः श्री किशनलाल छाजेड़
जन्म भूमि व दिनांकः बलेवा, जिला मराठा (राज.) वि.सं. 2001 मिगसर सुदी 1
माता पिता का नाम श्रीमती डेमीबाई श्री प्रतापचंदजी छाजेड़
दिवाली स्थल व दिनांकः दुर्ग (छत्तीसगढ़) वि.सं. 2069, ज्येष्ठ सुदी 13
दीवा प्रदाताः प.पु. मुनिराज श्री मनोज्ञसागरजी म.सा.
बड़े संगम दाता का नामः प.पू. मुनिराज श्री मनोज्ञसागरजी म.सा.
बड़े महोत्सव का स्थान व दिनांक: केवल्यधाम तीर्थ, कुम्हारी वि.सं. 2069 आषाढ सुदि 6
देवलोक गमनः दुर्ग – वि.सं. 2081 माघ सुदी 07
परिवार से मित्रः पिताश्री स्व. महातपस्वी प.पू. मुनिराज श्री प्रतापसागरजी म.सा.
भः वर्त्तमान प.पू. कर्तागच्छाचार्य श्री जिनमनोज्ञसूरीश्वरजी म.सा.
भव्य आत्मा चिरलक्ष्य को प्राप्त कर शीघ्र मोक्षगामी बने, यही ईश्वर से प्रार्थना
श्री आदिनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर ट्रस्ट, दुर्ग ओसवाल पंचायत दुर्ग, साहित्य अखिल भारतीय जैन श्वेतांबर खरतरगच्छ प्रतिनिधि महासभा श्री जिनदत्त कुशलसूरी खरतरगच्छ पेढ़ी अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा एवं महिला परिषद ज्ञान वाटिका जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के विभिन्न ने वंदन नमन करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए की निर्भय हैं