राष्ट्रसंत श्री मणिभद्र मुनि जी का कवर्धा में मंगल प्रवेश

राष्ट्रसंत, मानव मिलन के संस्थापक, नेपाल केसरी पूज्य गुरुदेव मणिभद्र मुनि का अपने साधु एवं साध्वी समुदाय के साथ आज कवर्धा में हर्ष, उल्लास एवं भक्तिमय वातावरण के मध्य मंगल प्रवेश हुआ। श्रद्धालुओं ने भक्ति एवं उत्साहपूर्वक गुरुदेव की आगवानी कर दर्शन-वंदन का लाभ प्राप्त किया।
पूज्य गुरुदेव श्री मणिभद्र मुनि जी महाराज ने नेपाल में ऐतिहासिक चातुर्मास सम्पन्न करने के पश्चात उग्र विहार करते हुए छत्तीसगढ़ की पावन धरा में मंगलमय प्रवेश किया। नेपाल से विहार करते हुए बनारस मार्ग से जबलपुर में विराजमान रहने के उपरांत अब गुरुदेव अपने साधु-साध्वी समुदाय सहित दुर्ग में आगामी जुलाई माह में होने वाले चातुर्मास हेतु पधार रहे हैं।

कवर्धा में कुछ दिनों की स्थिरता पश्चात पूज्य गुरुदेव छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में धर्म प्रभावना करते हुए दुर्ग नगर पधारेंगे, जहाँ चतुर्विध संघ को उनके पावन सानिध्य एवं प्रवचनों का लाभ प्राप्त होगा।
गुरुदेव की आगवानी एवं विहार सेवा हेतु श्रमण संघ परिवार के युवा संगठन, छत्तीसगढ़ युवा श्रमण संघ, वर्धमान सेवा मंच एवं श्रमण संघ स्वाध्याय मंडल के प्रतिनिधि सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रवेश के पश्चात विभिन्न क्षेत्रों में संघजनों द्वारा दर्शन-वंदन एवं विहार सेवा का क्रम निरंतर जारी रहेगा।
दुर्ग चातुर्मास में पूज्य गुरुदेव मणिभद्र मुनि के साथ पूज्य पुनित मुनि, सुद्देश मुनि, प्रवचन प्रभाविका महासाध्वी लक्ष्मीजी महाराज, तप चंद्रिका महासाध्वी वैशाली जी महाराज एवं महासाध्वी डॉ सृजना जी महाराज सहित साधु-साध्वी समुदाय का पावन सानिध्य प्राप्त होगा।
साधु एवं साध्वी समुदाय चतुर्विध संघ के साथ धर्म आराधना एवं चातुर्मास हेतु दुर्ग पधार रहे हैं, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में धर्ममय एवं आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होगा।

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